अज अस निकले दे हन जम्मू सूबे दे मशहुर राजमा चोल खाने ते कन्ने ही निक्की मुट्टी सेर करने उपर,आशा करदे हन तुस्सें लोककें गी एस ब्लॉग ऊपर हून एक नवी चीज़ वि लबग और तुस डोगरे दुनिया दे किसी वि कोने च बेयिये जम्मू दे जायके दा मज़ा लेई सकदे हो और हून अस पेश करदे हन एस श्रंखला दी पहली कड़ी :-

राजमा  चोल  ते  जम्मू  दा  इक  वखरा  ही  मेल  है .जम्मू  सूबे  दे  किसी  वि कार  च  कोई  वि  समागम  होए,यां फी  किसे मंदिर इच कोई  पंडारा और हर एतवार गी, राजमा  चोल  ते  बनना  बड़ा  ही  जरूरी  है। राजमा चोल ते डोगरें दा इयो रिश्ता है जियां जम्मू च बरखा ते आंधी तूफ़ान दा,सूरज ते तूप दा। सब्तु  बड़ी  खासियत  एह  है  की  ख़ुशी  होवे  या  गम  राजमा  चोल  हर वेल्ले  लबी  ही  जाने। जम्मू  सूबे  दे  राजमा(रायमा  in pure dogri) गी  पुरे  भारत  च  सब्तु  वदिया  मन्या जौंदा  है।

सुरनकोट(चड़ीमाडी) ,भदरवाह ते  पूँछ  दे  रायमें  दी  गाल  ही  निराली  ही , इन्हें  गी सोचदे  ही  मुह  च  पानी  आई  जौंदा  है।हून  ते  चाइनीज़,कश्मीरी  ते  रुसी  राजमा  वि  बाज़ार  च  आई  गेदे  हन  पर  जम्मू  सूबे  दे  राजमे  दा  मुकाबला  कोई  नि  करी  सकदा।

हून अस  गाल  करनेयाँ  एक  ऐसे  अलाक्के  दी  जिथे  दे  राजमा  चोल  खान दे लेई लोग  दूर दूर तूं औंदे हन। जी हां! अस गाल करादे  हन  पीड़े दे  राजमा चोलें  दी। पीड़ा   ग्रां  जम्मू -श्रीनगर  नेशनल  हाइवे उपर  पोंदा  है।

जियां  ही   तुस्स  बटोत  तूं लंघो और  चंदरकोट   पूजन  तूं  पेल्ले  तुस्सें  गी  एह  जगह  लबी  जानी । पर  अस्सें  गी  पीड़े   दे  राजमा  चोल  खान  दे  लेई  पीड़ा   ग्रां  जान  दी  कोई  लौड़  नि  है,हाइवे  ऊपर  ही  एक  जगह  है  जिसे  गी  पीड़ा  मोढ़  आख्या  जौंदा  है,उथे बने दे निक्के निक्के  टाब्बें च ही तुस्सें गी राजमा चोलें दा असली सवाद पता लगियाना।  टाब्बे  आलें दा मीठा स्वाभाव किसे दा वि दिल जीती सकदा है।

तां ही किसे ने सेई आख्या  है मीठी है डोगरें दी बोली ते खंड मीठे लोग डोगरे

टाब्बे च तुस्सें   गी  रायमा  दे  कन्ने  बासमती  चोल  और  ओदे  उपर  देसी  क्यो, ते औदे  कन्ने  अनारदाने  दी  चटनी ते उथे चलदी ठंडी ठंडी बा ने तुस्सें गी मंत्रमुग्ध करी देना। तुस  लोककें  ने  अगर  एक  वारी वि  उस  जगह  दे  राजमा  चोल  खाऊडे ते  तुस्सें  गी  और  किसे  वि  जगह  दे  राजमा  चोल  पसंद  नि  औने, एह  गारंटी   है  साडी …और  जो  खाए एक  बार   वो  आये बार  बार …..बड़े  लोग  पीड़े  दे  राजमा  चोल  खाने  दे  बाद  पुछदे  हन  की  आखिर  खासियत  एह  के   पीड़े  दे  राजमा  चोलें  दी?  एह सारा कमल उथे दे देसी पानी दा हा,जो राजमा चोल बनाने दे मौकी इस्तेमाल होंदा है

जियां  की  हर  कोई  जानदा   ही  ओना  जम्मू  सूबे  दे  हर  इलाके  दे  पानी  च  थोड़ा  थोड़ा  फरक पेयी  जौंदा  है और   इए  फर्क  हर  जगह  दे  राजमाएं  च  वि  महसूस  किता  जौंदा  है। इए  थोड़ा  फर्क  आई  ही  जौंदा  है सुन्दरकोट च बन्ने आले राजमा  चोल च  ते  भद्रवाई राजमा  चोलें च

पीड़े दे रायमा चोल खान दे वाद  हून  थोड़े बाटते दे सेयू(सेब) वि खांदे चल्नेयां थोड़ा  और जांदे जांदे  पतनीतटॉप  च वि कूमि लेनेयाँ …पतनीतटॉप दी  ठंडी  ठंडी  बा,यूथ  हॉस्टल  ग्राउंड  ते  चिल्ड्रेन  पार्क  च  बेयिये  गप्पां  मरना,कोड़े(घोड़े)  दी  सवारी  करना,डिस्क कन्ने खेलना,बचे दा चूटे  लेना,और  उथे  दे  गोलगप्पे  दा  वि   वखरा  ही  स्वाद  है(एह  सारा  मज़ा  उथे  दे  देसी  पानी  दा  ही  है)

और  जौंदे जौंदे  कूद  दा  पतीसा चखिए  मुंह  मीठा  करदे  चलो। प्रेम  दी  हट्टी दे  गरम  गरम  पतिसे दा,  ना ही  पुरे  कूद ते ना ही पूरी दुनिया च   कोई  मुकाबला  है । हून  ते  प्रेम  स्वीट्स  आलें  ने  उधमपुर  च  दो  ते  एक  जम्मू  च  वि  अपनी  हट्टीयां  खोली  दिति  हैं,पर  जो  मज़ा  कूद  च  प्रेम  दी   हट्टी  दा  गरम  गरम  पतीसा  खाने  च  है  ओह  और  कुधर  वि  नि  है ।

मैं  आशा  करदा  हैं  तुस्सें  गी  एह  निक्की  जेई  सेर  पीड़े मोड़  तूं   कूद  तक  शेल  लगी  होनी …और  अगर  तुहाडे  वि  कोई  तुजर्बे  हन  इन   जगह  ते  ज़रूर  सांझे  करो  साडे  कन्ने

To be Contd……